गौ माता ध्यान मंत्र लिरिक्स | Gau Mata Dhyan Mantra Lyrics

Gau Mata Dhyan Mantra Lyrics

Gau Mata Dhyan Mantra Lyrics In Hindi

नमो गोभ्यः श्रीमतीभ्यः सौरभेयीभ्य एव च।
नमो ब्रह्मसुताभ्यश्च पवित्राभ्यो नमो नमः ॥
गवाम्न्गेषु तिष्ठन्ति भुवनानि चतुर्दशम,
यस्मात्त्स्माच्छिवं से स्यादिह लोके परत्र च।
अर्थात
"श्रीमती गौओं को नामस्कार है। कामधेनु की संतानों को नामस्कार है। पावन करने वाली गौओं को नामस्कार है। ब्रम्हा जी की पुत्रिओं को नामस्कार है। पावन करने वाली गौओं को नामस्कार है। गौओं के अंगो मे चौदहों भुवन स्थित हैं, अतः मेरा इस लोक मेन एवं परलोक मे भी कल्याण हो।"

FAQ:

* गौ माता के लिए प्रार्थना मंत्र क्या है?

गौ माता के लिए प्रार्थना मंत्र इस प्रकार है:
॥ गौ माता प्रार्थना मंत्र ॥
ॐ सर्वदेवमये देवि लोकानां शुभदायिनि।
मातः गोत्वं नमस्तुभ्यं त्वदीयं भक्तवत्सलाम्॥

ॐ गोरूपाय विद्महे, गोपात्राय धीमहि।
तन्नो गौः प्रचोदयात्॥
ॐ नमो देवि गौ माता, सर्वदेवस्वरूपिणि।
यथा त्वं सततं पूज्या तथा मां रक्ष सर्वदा॥

यह मंत्र गौ माता की कृपा पाने, सुख-समृद्धि, एवं कल्याण के लिए श्रद्धा से जपा जाता है। यदि आप विशेष पूजा करना चाहते हैं तो गौ माता को हरा चारा, गुड़, और जल अर्पित करें।

* गौ माता के रक्षा मंत्र क्या हैं?

गौ माता की रक्षा और कल्याण के लिए निम्नलिखित रक्षा मंत्रों का जप किया जा सकता है:
1. गौ रक्षा मंत्र:
॥ गोरक्षाय नमः ॥
(इस मंत्र का 108 बार जप करने से गौ माता की रक्षा हेतु ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त होता है।)

2. श्रीकृष्ण गौ रक्षा मंत्र:
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः॥
(इस मंत्र का जप करने से श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है और गौ माता की रक्षा होती है।)

3. गौ संवर्धन रक्षा मंत्र:
ॐ गोरूपाय विद्महे, गोपात्राय धीमहि।
तन्नो गौः प्रचोदयात्॥
(यह मंत्र गौ माता की रक्षा, पालन और संवर्धन हेतु अत्यंत शुभ माना जाता है।)

4. गौ माता सुरक्षा मंत्र:
ॐ नमो गौ मातृकायै सर्वदेवस्वरूपिण्यै।
यथा त्वं सततं पूज्या तथा मां रक्ष सर्वदा॥

इन मंत्रों का नित्य जप करने से गौ माता की रक्षा में योगदान मिलता है और समाज में गौसंरक्षण की भावना बढ़ती है। गौ माता को भोजन कराना, उनकी सेवा करना और उनके संरक्षण हेतु कार्य करना भी इन मंत्रों के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है।

* गाय को रोटी खिलाते समय कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?

गाय को रोटी या चारा खिलाते समय निम्नलिखित मंत्रों का जप करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है:
1. गौ माता आशीर्वाद मंत्र:
॥ गौ माता प्रसन्नता मंत्र ॥
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं गौ मातायै नमः॥
(इस मंत्र का जप करते हुए गाय को रोटी खिलाने से समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।)

2. गौ दान एवं सेवा मंत्र:
ॐ नमो गव्यम् गवपतये स्वाहा॥
(गाय को खिलाते समय इस मंत्र का उच्चारण करने से गौ माता का आशीर्वाद मिलता है।)

3. श्रीकृष्ण गौ सेवा मंत्र:
गोविंदाय नमो नमः, गवां पालन हेतु नमः॥
(यह मंत्र भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है, जो स्वयं गौपालक रहे हैं।)

4. सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्ति हेतु मंत्र:
ॐ सर्वदेवमये देवि लोकानां शुभदायिनि।
मातः गोत्वं नमस्तुभ्यं त्वदीयं भक्तवत्सलाम्॥
विधि:
प्रातः या संध्या समय गाय को ताजा रोटी, हरा चारा, गुड़, और पानी अर्पित करें।

मंत्र जपते हुए श्रद्धा से भोजन अर्पित करें।
गाय को स्नेहपूर्वक स्पर्श करें और उसका सम्मान करें।
गाय को रोटी खिलाने से पितृदोष, ग्रह दोष और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है। यह कार्य श्रीकृष्ण एवं देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त करने का भी मार्ग है।

* गौ माता किसका अवतार है?

गौ माता को हिंदू धर्म में दिव्य और पूजनीय माना गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गौ माता कई देवताओं का स्वरूप मानी जाती हैं:

1. देवी लक्ष्मी का स्वरूप:
गौ माता को माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। पुराणों में कहा गया है कि जिस घर में गौ माता की सेवा की जाती है, वहाँ माँ लक्ष्मी का वास होता है और दरिद्रता दूर रहती है।

2. सभी देवी-देवताओं का निवास:
स्कंद पुराण और अन्य ग्रंथों में उल्लेख है कि गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए गौ सेवा करना सभी देवताओं की पूजा के समान माना गया है।

3. भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण से संबंध:
भगवान विष्णु ने अपने श्रीकृष्ण अवतार में गोकुल और वृंदावन में गौचारण किया था, इसलिए वे गोविंद और गोपाल कहलाते हैं।

श्रीकृष्ण ने कहा था: "गावो विश्वस्य मातरः" (गाय समस्त विश्व की माता है)।

4. कामधेनु का स्वरूप:
गौ माता को कामधेनु का अवतार भी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय कामधेनु गाय प्रकट हुई थी, जो इच्छित फल देने वाली मानी जाती है।

5. पृथ्वी देवी का प्रतीक:
गाय को माता पृथ्वी का भी अवतार माना जाता है। जब अत्याचार बढ़ता है, तब पृथ्वी गौ रूप धारण कर भगवान विष्णु के पास न्याय की गुहार लगाने जाती हैं।

* गौ माता को प्रसन्न कैसे करें?

गौ माता को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धा, सेवा और समर्पण भाव से उनका सम्मान और देखभाल करनी चाहिए। हिंदू धर्म में गौ माता को पूजनीय माना गया है, और उनकी सेवा से सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं।

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